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TET प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला: राहत भी, चिंता भी कार्यरत शिक्षकों को मिला 3 वर्ष का अतिरिक्त अवसर, लेकिन स्थायी समाधान अभी बाकी.

  • Writer: Rश्याम मेहरा null
    Rश्याम मेहरा null
  • 7 days ago
  • 2 min read

सभी साथियों को

सादर नमस्कार

TET मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय का 29 मई 2026 का निर्णय राहत और चिंता दोनों लेकर आया है।

कार्यरत शिक्षकों को 3 वर्ष का अतिरिक्त अवसर मिलना सकारात्मक है, लेकिन लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को टीईटी से छूट नहीं मिलना चिंता का विषय है।

जो शिक्षक वर्षों से बच्चों का भविष्य बना रहे हैं, आज उनके भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित होनी चाहिए।

टीईटी प्रकरण केवल एक परीक्षा का विषय नहीं, बल्कि लाखों कार्यरत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, सम्मान और भविष्य से जुड़ा प्रश्न है।

कार्यरत शिक्षकों का अनुभव राष्ट्र की अमूल्य पूंजी है, उसे केवल एक परीक्षा की कसौटी पर नहीं, बल्कि उनके वर्षों के समर्पण और योगदान के आधार पर भी सम्मान मिलना चाहिए।

आग्रह है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 में आवश्यक विधायी संशोधन कर कार्यरत शिक्षकों को वैधानिक संरक्षण प्रदान करने हेतु सकारात्मक पहल करें

"टीईटी प्रकरण का स्थायी समाधान केवल आवश्यक विधायी संशोधन और सेवा सुरक्षा से ही संभव है।

राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) शिक्षकों के हितों की रक्षा हेतु हर वैधानिक एवं संगठनात्मक प्रयास जारी रखेगा।

🔥संगठन का आह्वान🔥

सभी जिला एवं प्रदेश पदाधिकारियों से अनुरोध है कि टीईटी प्रकरण में कार्यरत शिक्षकों के हितों की रक्षा हेतु अपने-अपने संसदीय क्षेत्र के माननीय सांसद महोदय से शीघ्र भेंट कर संगठन का ज्ञापन सौंपें तथा उनसे इस विषय को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय एवं भारत सरकार के समक्ष प्रभावी रूप से उठाने का आग्रह करें।

यह विषय हजारों कार्यरत शिक्षकों के भविष्य एवं सेवा सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। अतः संगठन की इस मुहिम को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए सभी साथी सक्रिय भूमिका निभाएं

प्रदेश नेतृत्व

राजस्थान शिक्षक संघ अंबेडकर


 
 
 

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